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Vidhan Sabha
अनुसूची (नियम ८० तथा ८१)
 

अनुसूची

(नियम ८० तथा ८१)

किसी सदस्य के यथास्थिति, बंदीकरण, निरोध, दोषसिद्धि या रिहाई के बारे में सूचना का प्रपत्र

स्थान………………

        तिथि ….....………


सेवा में,

                        अध्यक्ष,
                        विधान सभा,

        लखनऊ।

प्रिय अध्यक्ष महोदय,

        मुझे आपको यह सूचना देनी है कि ……..................………………(अधिनियम) की धारा …………… के अन्तर्गत अपनी शक्तियों के प्रयोग में मैंने यह निर्देश देना अपना कर्तव्य समझा है कि विधान सभा के सदस्य, श्री ……………………...… को ………………..……………(यथास्थिति बन्दीकरण या निरोध के कारण) के लिये बन्दी/निरुद्ध कर लिया जाय।


        तदनुसार श्री …………… विधान सभा सदस्य, को …...………… (तिथि) को …..........… पर (समय) बन्दी कर लिया गया है/हवालात में रख दिया गया है और उन्हें इस समय ………………… जेल ………………(स्थान) में रखा गया है।

                        मुझे आपको सूचना देनी है कि विधान सभा के सदस्य, श्री………… पर ……………………… (दोषसिद्धि) के कारण दोषारोप (या दोषारोपों) के लिए ………… न्यायालय में मेरे सामने मुकदमा चलाया गया।………… दिन तक मुकदमा चलने के बाद ……(तिथि) को मैने उन्हें ………………… का अपराधी पाया और उन्हें ……(कालावधि) के कारावास का दण्डादेश दिया।

        …………… को अपील करने की अनुमति के लिए उनका प्रार्थना-पत्र विचारार्थ लम्बित है।

                        मुझे आपको सूचना देनी है कि विधान सभा के सदस्य, श्री ……………को, जिन्हें ……… (तिथि) को सिद्धदोष ठहराया गया था और …………… के लिए (दोषसिद्धि के कारण) ……………(कालावधि) का कारावास दिया गया था ……………………………(तिथि) को अपील लम्बित होने तक जमानत पर रिहा कर दिया गया था (या, यथास्थिति, अपील पर दण्डादेश रद्द होने पर रिहा कर दिया गया)।


आपका विश्वासपात्र,

(न्यायाधीश, दण्डाधिकारी या कार्यपालिका प्राधिकारी)

 
 

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